99. दिल हुआ रोशन

 
 
तुम हमारे हो न हो हम तुम्हारे हो गए
सर को कदमों पे झुका पैहम तुम्हारे हो गए
 
ज़िंदगी सारी लुटा कर हम तुम्हारे हो गए
रख के जान-ओ-दिल जिगर एक दम तुम्हारे हो गए
 
जब हुआ दीदार-ए-रब तब हमारे सामने
दिल हुआ रोशन हमारा हम तुम्हारे हो गए
 
चाँद घर में आ गया दिल हुआ रोशन चिराग
मिल गई क़ल्बे हज़ूरी हम तुम्हारे हो गए
 
थी अज़ल से आपकी उल्फ़त हमारे क़ल्ब में
आर्ज़ी उल्फ़त नहीं हर दम तुम्हारे हो गए
 
ज़िंदगी रंग लाएगी गर आपका एहसान हो
आप से नज़रें मिलें उस दम तुम्हारे हो गए
 
आँख पर पर्दा पड़ा था लनतरानी का हमें
देख कर हम तुम को दावर ख़म तुम्हारे हो गए

-+=
Scroll to Top