वहदानियत सिखाए अजमेर के गुरु
बगदाद से मैं आए अजमेर के गुरु
अजमेर में वो आए तो एक शोर मच गया
हक का यह दीन लाए अजमेर के गुरु
कासे में आके सारा पानी समा गया
यह मोज़ज़ा दिखाए अजमेर के गुरु
कर के कोई वज़ीफ़ा उड़ता था जादूगर एक
नीचे उसे गिराए अजमेर के गुरु
जब जादूगर गिरा तो परेशान हो गया
कलमा उसे पढ़ाए अजमेर के गुरु
तौहीद-ए-मुस्तफा से महरूम थे सभी
वो पैरवी कराए अजमेर के गुरु
दावर के गुरु को रखे खुदा सलामत
हमें कुफ्र से बचाए अजमेर के गुरु