ताक़त ख़ुदा के शेर की ख़ैबर से पूछिए
रास्ता ख़ुदा रसूल का रहबर से पूछिए
कर्बला के वाक़िये की ज़माने को क्या ख़बर
कर्बला का वाक़िया मेरे असग़र से पूछिए
कौसर की मेहरबानी या आब-ए-हयात की
ज़ाहिद ये बात साक़ी-ए-कौसर से पूछिए
कश्ती-ओ-ख़ुदा को समुंदर का क्या हिसाब
गहराई क्या है दरिया जाफ़र से पूछिए
क्या जाने दिलबरी को मुअन्निस-ओ-मुखन्नस
रुतबे को मुजाहिद के मुजक्कर से पूछिए
मज़हब तो चार फ़र्ज़ हैं और चार हैं इमाम
बारह इमाम किस लिए बाक़र से पूछिए
बैयत जो कर के फिर गए जो तोड़ कर अहद
इंकार किस लिए है ये मुनकिर से पूछिए
ज़ाहिर तो सब बताएंगे बातिन है पोशीदा
इरफ़ान-ए-इलाही किसी दीगर से पूछिए
अपने को आप जानना आसान नहीं मगर
दावर तुम्हें बताएगा दावर से पूछिए