मोरे आका अब अंगनवा का हैं आवत ना!
भिगल जाये ऐ नैनवा का हैं आवत् ना!!
साँझ से बैठी आस लगाये पल् पल् नीर बहाऊँ!
जियरा मोरा काँप रहा है कैसन चैन मैं पाऊँ!
सोना लागे है अये मन्वा का हैं आवत् ना!
मोरे आका अब अंगनवा का हैं आवत ना!!
बालम मोरे जब से गये सुध् बुध् सब बसराई!
रैन अन्धेरी बिस्तर सोना नींद ना मोहे आई!
नाही बजे अब झुँझनवा का हैं आवत् ना!
मोरे आका अब अंगनवा का हैं आवत ना!!
कौन ठिकाना जाऊँ भगवन कौन नगरिया ढूंडूं!
के हो बताये पता बलम का जाके संवरिया ढूंडूं!
भैला जलदी ही गौनवा का हैं आवत ना!
मोरे आका अब अंगनवा का हैं आवत ना!!
प्यारी सुरतियाँ मन् समाये भूलत नाहीं जाये!
बैरी बन कर फिरत नगरिया लाज ना कोहु आये!
मोरे सर् पर है गगनवा का हैं आवत ना!
मोरे आका अब अंगनवा का है आवत ना!!
लोग कहत हैं सब हरजाई मोह का कैसन परवा!
पीत् ना हो बदनाम बलमवा देखों सुन्दर मुखडा!
कबतक आई होरे सजनवाँ का हैं आवत ना!
मोरे आका अब अंगनवा का है आवत ना!!
बन बन ढूंन्डूं तोह का साजन पग पग ठोकर खाऊं!
लाज रखो दावर की पिया अब चैन न एक पल पाऊं!
भैला रूठे एक हमनवा न का हैं आवत ना!
मोरे आका अब अंगनवा का हैं आवत ना!!