अल्लाह हुमा सल्लि अला मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
हो आप खैर-उल-वरा मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
हम थे रब की दीद के प्यासे आए मुहम्मद अर्श अला से
जलवा खुदा का दिखाए मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
ग़फलत में हम डूब गए थे अपने खुदा को भूल गए थे
हम को खुदा से मिलाए मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
नफ़्स खुदी से हम को बचाकर राह खुदा पर चलना सिखाए
आख़ा मेरे किब्रिया मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
कुफ्र का कलमा हम पढ़ते थे बुत को सजदा भी करते थे
कुफ्र से हम को हटाए मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
करते थे सजदा तो लेकिन सजदा था वो ग़ैर खुदा का
ऐन इबादत सिखाए मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
मन अरफा था एक मुअम्मा कद अरफा का होश भी ना था
दो खुलासा कराए मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
हम तो दहर में भटके हुए थे राह-ए-हक़ से दूर हुए थे
रास्ते पे हमको हैं लाए मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
दावर का ईमान नबी पर जिस्म-ओ-जान क़ुर्बान नबी पर
ईमान-ओ-सब का सजाए मुहम्मद या रब या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम