अल्लाह हुमा सल्ले अला मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
कश्फ़दो जह नूर अल-हुदा मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
जैसे मुहम्मद वैसा खुदा है एक इरादा दोनों का है
अंता अना जो कहा मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
शक्ल-ए-खुदा है शक्ल-ए-मुहम्मद एक अहद है दूसरा अहमद
साया नहीं आपका या मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
जिन्न-ओ-मलाइक हूर-ओ-गुलामा भेज रहे हैं उन पर दुरूदां
जो हैं शाह-ए-अनबिया मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
आप ज़माने में जब आए सारे बुतां गिर कर शर्माए
कंकर भी कलमा पढ़ा मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
आप से रोशन है जग सारा नूर से अपने है ये उजाला
हर दिल को रोशन किया मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
आप मेहरबान बन कर आए आकर के हम सब को बचाए
रोशन ये दिल हो गया मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
क्या क्या आप इशारे दिए हैं चांद के टुकड़े आप किए हैं
मरहबा सद मरहबा मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम
दावर कुन फया कुन कहते हैं मुर्दा दिल ज़िंदा होते हैं
कोनैन तुम पर फिदा मुहम्मद या रब्बी सल्लू अलैहि व सल्लम