Skip to content
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
तेरा ही जलवा शम्स व खमर में
तूही अयाँ है सब की नजर में
नूर है तेरा शाख व शजर में
हम्द के लायक है तू ही बरतर
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
शुबली में तेरी खास अदा है
शम्स ने तुझको जान लिया है
तू ना कभी सरमद् से जुदा है
बोला किसी ने दार पे चढ़कर
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
बुलबुलें गायें तेरा ताराना
तू है हकीकत कब है फसाना
सारे खलायक ने पहचाना
तहतुस्सरा में अर्शके ऊपर
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
बांग जरी में तेरी सदायें
सौते अंजा में तेरी अदायें
तेरे लिए में नाकूस बजायें
किस ने कहा तू काबे के अन्दर
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
नूर तेरा मैखाने में है
यानि सनम के पाने में है
तू ही चमन वीराने में है
कैस पुकारा लैला कहकर
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
पालिये तुझ को गँजे गोहर
देख लिये हैं तुझ को मुनव्वर
तू है रफीकी राज के अन्दर
दिल में बसाये तुझको दावर
अल्लाहु अकबर अलाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
-+=