27. दीन नया ले आए

 

 

तशरीफ नबी जब लाए आए दीन नया ले आए

फैलि खबर इस बात की जिस दम सारे अदू घबराए

 

इतने में एक लरज़ा आया काबे के ऊपर छाया अंधेरा

एक-एक कर के बुत गिरे औंधे गिर के सभी शर्माए

 

हो के जमा कुफ्फार अरब के करने लगे आपस में मशवरे

खैर नहीं है अपने धर्म की कौन है जो इसको बचाए

 

आ गई देखो कैसी ये शामात हो गई नाज़िल इन पे क़यामत

जम गए सारे चारों तरफ से जम के सभी चिल्लाए

 

काबा था एक अयाशि का अड्डा छिन गया देखो ये भी सहारा

मन मानी था दीन अरब का कौन है जो इसको बचाए

 

चारों तरफ से शोर मचा था बुत खाना वीरान हुआ था

रोते हुए कुफ्फार अरब के चारों तरफ से आए

 

मेरे नबी की शान है दावर आमद पे ये धूम मची है

कुफ्फारों के छक्के छुड़ाने मौजिजा ये दिखलाए।

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