जबाँ पर लेके मैं कुरआन की कुदरत बेशुमार आया!
सरे महफिल में लेकर तीस पारा आशकार आया!!
है उसमें एक सौ पर चौदा सूरे गौर से सुन लो!
और आयत छः हजार छः सौ छसठ ये लब पर बार बार आया!!
हैं उसमें तीन लाख तेंतीस हजार और छ: सौ यकाहत्तर!
यही अल्फाज कुरआन लेके मोमिन राज दार आया!!
हैं चौदा सजदे कुरआन में रुकू में पाँच सौ छसट!
है अल्ला दो हजार और पाँच सौ अस्सी पे चार आया!!
मोहम्मद चार जा लिखा और अहमद एक जगह लिखा!
के अठाईस पैगम्बर का नाम अब बार बार आया!!
जो है इखलास की सूरा फक्त एक जेर है उस में!
जो है एक पेश इन्ना अ तैना बस एक बार आया!!
जो है यासीन का सुरा वही कुरआन का दिल है!
मगर है सूरा रहमान दिल में बरकरार आया!!
बनी है फातिहा की सूरा बस् एक ताजे कुरआनी!
के हैं इक्कीस हुरूफ उसमें मेरे परवरदिगार आया!!
हैं इस में पाँच सूरे हम्द की तसबीह की सूरा सात!
मुकम्मिल् होगया कुरआन मुझे दावर करार आया!!