149. मरहबा या मरहबा

 

 

या नबी सलाम अलैकुम मरहबा या मरहबा!

या रसूल सलाम अलैकुम मरहबा या मरहबा!

सल्वातुल्ला अलैकुम मरहबा या मरहबा!!

 

मोमिनों के पेशवा हो आसियों के रहनुमा!

आसरा यतीम् का तू बेकसों की हो सदा!

क्या हो अपकी सना मरहबा या मरहबा!!

 

तुम ख़ुदा के प्यारे हो फलक के वो सितारे हो!

खुदाई सदके आप पर खुदा के एक नज़ारे हो!

आप ही आप हैं बका मरहबा या मरहबा!!

 

रौनके हयात हो मताये काईनात हो!

नेक नाम नेक दिल हो मरकज़े सिफात हो!

सब है आप पर फिदा मरहबा या मरहबा!!

 

चेहरा शम्स आपका तो जुल्फे लैलू बा खुदा!

काली कमली दोश पर अजल से सिदक व बासफा!

हम को अपना आसरा मरहबा या मरहबा!!

 

आपके कदम में आका बस् गुलामी चाहिये!

इस गरीब व नातवाँ को दरपे अब बुलाइये!

दावर  है आप पर फिदा मरहबा या मरहबा!!

-+=
Scroll to Top