अये बेकसों के वाली ले लो सलाम सब का!
या मुस्तफा जमाली ले लो सलाम सब का!!
वश्शम्स है जो चहेरा वल्लैल भी हैं गेसु!
कांधे पे कमली काली ले लो सलाम सबका!!
मुखतारे दो जहाँ हो तुम सिर्रे ला मकाँ हो!
नबीयों में शान आली ले लो सलाम सब का!!
यासीन और तहा का कुरआन में इशारा!
सूरत है भोली भाली ले लो सलाम सबका!!
आशिक तुम्हारे आका किस तरह दर को छोड़ें!
थामे हुए हैं जाली ले लो सलाम सब का!!
चौकठ से सूखा टुकड़ा मिल जाये बस् खुदारा!
जायेंगे हम न खाली ले लो सलाम सबका!!
मिलती है भीक सब को दरबार से तुम्हारे!
दावर भी है सवाली ले लो सलाम सब का!!