139. मोहियोद्दीन जीलानी

 

 

करम एक बार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!

नज़र सरकार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

तमन्ना है अगर दिल में तो बस इतनी तमन्ना है!

मुझे दीदार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

मैं कहलाऊँ अगर बीमार तो बस आपका आका!

मरज़ हर बार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

सखावत् आप के घर की विलायत आप के घर की!

कोई सरशार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

जिधर भी देखता हूँ तो तलातम् मौज ओ तूफाँ है!

ये किश्ती पार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

तुम्हारे आस्ताने पर जबीने शौक हो मेरी!

सुजूदे यार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

पिला दे मस्त आँखों से कभी दावर को या शाह!

तेरा मैख्वार हो जाये मोहियोद्दीन जीलानी!!

 

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