सारे वलियों के वली मुश्किल कुशा मौला अली सय्यदुल अरबी!
ताजदारे औलियाये हाजतरवा मौल अली सय्यदुल अरबी!!
काबा में पैदा हुए हैं और हरम में हैं शहीद ये मुकद्दर आपका!
किस को हासिल कब हुआ ये मर्तबा मौलाअली सय्यदुल अरबी!!
जुल्फकारे हैदरी जिस वक्त चमकी जंग में कुफ्र थरीने लगा!
एक ही नारे में खैबर झुक गया मौला अली सय्यदुल अरबी!!
शानवाला दूसरा कोई न आया बाद में आप ही एकता हुए!
आप ही हैं वाकयी शेरे खुदा मौला अली सय्यदुल अरबी!!
रोजे हिजरत् बिस्तर अहमद पे सोये बे ख़तर हौसला था आपका!
कोई सो सकता नहीं है दूसरा मौला अली सय्यदुल अरबी!!
शोहरे खैरु न्निस्सा है नाज़ करता है ख़ुदा मरहबा सद मरहबा!
आप दामादे मुहम्मद मुस्तफा मौला अली सय्यदुल अरबी!!
हश्र के मैदान में दावर की रखना आवरू जामे कौसर हो आता!
तिशनगी का दूँगा तुम को वासता मौला अली सय्यदुल अरबी!!