सब से अफ़ज़ल दुआ है बिस्मिल्लाह
पहले मुंह से अदा हो बिस्मिल्लाह
इसकी बरकत से मर्ज़ जाता है
क्या निराली दुआ है बिस्मिल्लाह
सारे कुरआन के है सर ऊपर
एक जगह ना लिखा है बिस्मिल्लाह
आग में कूद कर खलील ने जब
अपने मुंह से कहा है बिस्मिल्लाह
आग गुलज़ार बन के दिखलाई
आग को गुल किया है बिस्मिल्लाह
इस में बेहद ख़ुदा की रहमत है
ख़ुद ज़ुबान से कहा है बिस्मिल्लाह
इस में आज़म इसे समझ दावर
तेरे दिल में बसा है बिस्मिल्लाह