2.लब पे है सुबह शाम बिस्मिल्ला

 

 

लब पे है सुबह शाम बिस्मिल्ला!

है यही एक कलाम बिस्मिल्ला!!

 

नाज लूह व कलम को बेहद् है!

कितना ऊँचा मुकाम बिस्मिल्ला!!

 

काम की इब्तिदा है बस इस से!

पढिये पहले ये नाम बिस्मिल्ला !!

 

इस की बरकत से सब हुए , वाकिफ !

तोहफा ये खास व आम बिस्मिल्ला !!

 

शक है तुमको तो कुरआन को देखो !

सबसे पहले है नाम बिस्मिल्ला !!

 

इस को तावीज समझो दिल में रखो !

है खुदा का पयाम बिस्मिल्ला !!

 

याद रखिये सुजूद से पहले !

है ये वक्ते कयाम बिस्मिल्ला !!

 

क्यूँ ना दावर करूं मैं विर्द इसका !

खूब से खूब नाम बिस्मिल्ला !!

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