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लब पे है सुबह शाम बिस्मिल्ला!
है यही एक कलाम बिस्मिल्ला!!
नाज लूह व कलम को बेहद् है!
कितना ऊँचा मुकाम बिस्मिल्ला!!
काम की इब्तिदा है बस इस से!
पढिये पहले ये नाम बिस्मिल्ला !!
इस की बरकत से सब हुए , वाकिफ !
तोहफा ये खास व आम बिस्मिल्ला !!
शक है तुमको तो कुरआन को देखो !
सबसे पहले है नाम बिस्मिल्ला !!
इस को तावीज समझो दिल में रखो !
है खुदा का पयाम बिस्मिल्ला !!
याद रखिये सुजूद से पहले !
है ये वक्ते कयाम बिस्मिल्ला !!
क्यूँ ना दावर करूं मैं विर्द इसका !
खूब से खूब नाम बिस्मिल्ला !!
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