ईन्तसाब :

बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम

काल रसूलल्लाह कलामुल फुकराए कलामुल्लाह तआला व तहन् यतहावोन् बिकलामेहिम् फकद तहादन्न बिकलामेहीम फकद् तहादन्न बिकलामेहीम तआला

तर्जुमा :

हजुर पुरनूर ने फरमाया के औलिया का कलाम गोया खुदा का कलाम है जो शक्स उनके कलाम की इज्जत ना करे उसने गोया खुदा के कलाम की बेइज्जती की

आप ही आप पर्वर्दीगार कालु बला का राज़दार

इफानी व दीगर कलामों का मजमुआ

ईन्तसाब :

मैं अपने इस पहले मजमुआ को पीर तरीक़त मुर्शदे कामिल इलाही बहुर्मते राज़ ओ नियाज हजरत सुलतान रफ़ीक अलीशाह हुसेनी खादरी सर्वरी कुदसल्ला सिरी हुल् अजीज़ के नाम से मनसूब करता हूँ

दावर अली शाह

-+=
Scroll to Top