22. कुफ्र की मन्जिल

 

 

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!

नाता खुदा से जोडरे नादाँ!!

 

तू है मुसल्माँ मोमिन बन जा!

होगा नज़र में रब का जल्वा!

रिश्ता नबी से जोडरे नादाँ!

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!!

 

तू शिर्क और कुफ्र ना करना!

मौत से पहले हक्क है मरना!

सजदे में सर ना फोडरे नादाँ!

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!!

 

वहम व गुमाँ की हद से निकल जा!

गिरने से पहले देख संभल जा!

फिसले हजारों करोड रे नादाँ!

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!!

 

दिल ही में तेरे तेरा खुदा है!

वो न अलग है तू ना जुदा है!

नफ्स का पंजा मरोडरे नादाँ!

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!!

 

वसवसा अपने दिल में ना लाना!

दिल तो तेरा है रब का ठिकाना!

हिर्स ओ हवस को तोडरे नादाँ!

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!!

 

देख ले तू गंजीनये  दावर!

हश्र में चमके तेरा मुकद्दर!

मूँह को खुदी से मोडरे नादाँ!

कुफ्र की मन्जिल छोडरे नादाँ!!

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