कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!
कल्मा नहीं जब रोशन दिल में!
मुशरिक होकर मरना क्या!
कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!
कल्मा नबी का गर न पढ़ेगा!
काफिर होकर मरना पडेगा!!
जान के कल्मा जो भी पडेगा!
दोजक से फिर डरना क्या!
कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!
काफिर को सच्च है कल्मा पढना!
कल्मा पढके ईमान लाना!!
ईमान लाके फिर क्यों पढना!
कल्मे को तू ने समझा क्या!!
कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!
नूर सिफ्त और जात कल्मा!
तौहीद व इरफाँ अनहद कल्मा!
औवल कल्मा आखर कल्मा!
कल्मे कि कल को समझा क्या!
कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!
अहमद का कल्मा तहकीक करना!
कल्मा नबी का क्या है समझा!
नबी का कल्मा नबी से पढना!
शक फिर इसमे करना क्या!
कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!
कल्मे कि माना रफीक से पाना!
दावर अली है उनका दीवाना!
कल्मे में मरना कल्मे मे जीना!
बे बूझ कल्मा पढना क्या!
कल्मा गिन गिन करना क्या!
फिर कल्मा गिन गिन करना क्या!!