हमारे दिल को हमें से संभाला जाएगा
हमारा बोझ हमें से उठाया जाएगा
ना हमसफ़र ना किसी हमनवा से कर उम्मीद
हमारे दिल को हमें से संभाला जाएगा
किसी का करके भरोसा ना छोड़ना कांटा
हमारा कांटा हमें से निकाला जाएगा
मिसाली बनने की कोशिश जो कर रहा होगा
उसे ज़माना तमाशा बनाया जाएगा
जो जो हरी है उसे ख़ूब तजुर्बा होगा
उसी के हाथों से अच्छा तराशा जाएगा
किसी भी बात को पोशीदा करके रखना हो
ना अहल-ए-शिकवा से हरगिज़ बताया जाएगा
उम्मीद आस भरोसा ये सब ना रख दिल में
रखेगा उसका जनाज़ा उठाया जाएगा
कलेजा काट के दुश्मन के सामने रख दे
हंसी मज़ाक उसी का उड़ाया जाएगा
के ये ज़माने का दस्तूर देख कर दावर
इरादा कर लिया दिल ना लगाया जाएगा