ऐ मोमिनों सुनो यह है आदम की करामत
शैतान ने सजदा नहीं किया थी इतनी हक़ीक़त
ताक़त थी कोई हस्ती आदम में पोशीदा
सजदे से रोके डाली यह थी बातिनी ताक़त
शैतान सजदा कर देता सब खेल बिगड़ जाता
कुछ और ही हो जाती यह दुनिया की हक़ीक़त
अच्छा हुआ शैतान वहाँ सर न झुकाया
झुक जाता तो वलियों को न मिलती यह विलायत
दुनिया का सब निज़ाम है क़ुदरत के हाथ में
क़ुदरत ख़ुदा की देखो क्या हक़ की हिफ़ाज़त
जो भी हुआ यह मर्ज़ी क़ुदरत से हुआ है
इब्लीस की क़िस्मत वो मुक़द्दर में थी लानत
दावर हमें समझाए तो समझे यह भेद हम
आदम को बचा डाली है आदम की ही ताक़त