90. मांग लो जो मांगना है

 

 

सामने सरवरी पेशवा है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

यही कोनैन का बादशाह है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

यही देता है सब को सब से और दिलाता सभी को यही है

सारे आलम को इसी की अता है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

जिस पे नज़र करम ये करेगा उसका बिगड़ा मुक़द्दर बनेगा

ये यक़ीनन ही ख़ैर-उल-वरा है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

ये हक़ीक़त में ग़ैबी गनि है ग़ैब के सब ख़ज़ाने इसी के

आशिक़ों का यही दिलरुबा है मांग लो जो मांगना है

 

हम को मतलब सदा है इसी से और किसी से हमें वास्ता क्या

हम ग़ुलामों का ये मुद’आ है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

इस की मर्ज़ी पर हम को है चलना इस को हर हाल राज़ी है करना

बस इसी से हमें वास्ता है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

हम सभी को है हाजत इसी से ये हमारा है हाजत रवाई

हम सभी का ये हाजत रवा है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

हम को रास्ता ये सीधा दिखाया और ईमान-ए-कामिल बनाया

राह-ए-हक़ का भी ये रहनुमा है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

 

जितने आए हैं दर पर सवाली सारे भरदो मुरादों से झोली

लुत्फ़-ए-दावर करम बट रहा है मांग लो जो तुम्हें मांगना है

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