या ग़ौस तुम मेरी इमदाद करना
ख़ादिम के दिल को तुम ही शाद करना
मजबूर बेकस तुम्हारा है ख़ादिम
रंज और मुसीबत से आज़ाद करना
तुमने तो लाखों मुक़द्दर संवारे
मेरा मुक़द्दर भी आबाद करना
फ़रियाद सुन लो मेरे ग़ौस आज़म
तुम्हारे सिवा किस से फ़रियाद करना
तुम्हें जिसने भूला वो बर्बाद होगा
मुझको ऐ आका ज़रा याद करना
फ़रियाद या ग़ौस ख़ाली न जाए
मक़बूल ख़ादिम की फ़रियाद करना
दावर को ग़म है बस आप ही का
जलवा दिखा कर के दिलशाद करना