आप नूर-ए-ख़ुदा अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
आप का वस्फ़ क्या अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
आप हैं किब्रिया आप हैं मुस्तफ़ा
ख़ुद ख़ुदा ने कहा अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
कर के पर्दा मगर हो हयात नबी
ख़ातम-उल-अंबिया अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
आप का कोई सानी जहाँ में नहीं
ना हुआ दूसरा अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
ता अज़ल ता अबद जितने हैं औलिया
तुम पे क़ुर्बान सदा अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
आसियों पर हमेशा करम ही करम
आप मेहर-ओ-वफ़ा अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन
रोज़-ए-महशर हो दावर पे इतना करम
या नबी मुस्तफ़ा अफ़ज़ल-ए-मुर्सलीन