दुनिया में हम तो आए हैं भेजा कोई होगा
इस भेजने वाले का इरादा कोई होगा
दुनिया में हम आए हैं तो होगा कोई मकसद
बे वजह नहीं आए हैं किस्सा कोई होगा
मकसद के बिना बात कोई हो नहीं सकती
यह क्या है मुअम्मा इसे समझा कोई होगा
क्यों आए हैं दुनिया में कोई बात तो होगी
यह सोचने वाले का भी रुतबा कोई होगा
तुम सोचो ज़रा वो तुम्हें इंसान बनाया
इंसान बनाया है तो मंशा कोई होगा
जो हम को बनाया है वो सोचो कि कहाँ है
हम ही में कहीं उसका ठिकाना कोई होगा
दुनिया में भी उस यार की मेराज है दावर
सब अंधे नहीं उसको तो देखा कोई होगा