क्या नहीं मिलता है हमको पीर लासानी के पास!
रब्बे अकबर का है जल्वा गौस – जीलानी के पास!!
एक नज़र में चोर को अबदाल का रुतबा मिला!
ये है एक अदना करामत कुतुबे ख़्बानी के पास!!
छीन ली जंबील इजराईल से एक आन में!
मौत भी हैरान थी महबूबे सुबहानी के पास!!
दुलहा -दुलहन् लौट आये बारा बरसों के भी बाद!
सांस लेता है करिश्मा कामिल् इन्सानी के पास!!
एक खतरा ही सही लेकिन बका है जल्वागर!
सारे दरिया हीच हैं बगदाद के पानी के पास!!
पीने वालो शर्त है आना न हर – गिज़ – होश में!
है शराबे मारिफत् हुसनैन के जानि के पास!!
गौसे आज़म् के अजल से चाहने वालों में हूँ!
हम कभी आये नहीं दावर परेशानी के पास!!