अल्मदद मुर्शदा – अल्मदद मुर्शदा!
अल्मदद मुर्शदा – अल्मदद मुर्शदा!!
मैं गरीब नातवाँ और खस्ता हाल हूँ!
दर्द आशना हूँ मैं गम से पायमाल हूँ!
एक नज़र करम की हो इश्के बे खयाल हूँ!
मैं ही खुद जवाब हूँ मैं ही खुद सवाल हूँ!!
मैं खमूश क्यूँ रहूँ दूंगा आप को सदा!
अल्मदद मुर्शदा – अल्मदद मुर्शदा!!
आंधियाँ हैं हर तरफ बीच में सफीना है!
मौत सर पे है खड़ी माथे पे पसीना है!
अश्के गम् बताइये कब तलक के पीना है!
चाक पैरहन को भी कब तलक ये सीना है!!
किश्ती को बचाइये आप तो हैं नाखुदा!
अल्मदद मुर्शद – अल्मदद मुर्शदा!!
छोड़कर तुम्हारा दर मैं किधर जाऊंगा!
इस जहाँ में आप सा मैं कहाँ पे पाऊँगा!
हाल अपना दुनिया में किस को मैं सुनाऊंगा!
अपने दिल में आका मैं फिर किसे बसाऊँगा!!
तुम ही तुम हो नज़रों में है ना कोई दूसरा!
अल्मदद मुर्शदा – अल्मदद मुर्शदा!!
वस्ल का प्याला अब मुर्शद पिलाइये!
परदा अपने चेहरे से अब जरा हटाइये!
दीद की तमन्ना है जल्वा अबू दिखाइये!
दावर अब हैं मुजतरिब आका अबतो आइये!!
मुश्किलों को हल करो गौस का है वासता!
अल्मदद मुर्शदा – अल्मदद मुर्शदा!!