जियारत गाहे गोहर है कदम को चूमते जाओ!
यहाँ जिक्रे मुनव्वर है कदम को चूमते जाओ!!
आज परदा दूई उठायेंगे!
अपना जल्वा हमे दिखायेंगे!
आज मौला से वो मिलायेंगे!!
रफीक आका का ये घर है कदम को चूमते जाओ!
यहाँ जिक्रे मुनव्वर है कदम को चूमते जाओ!!
खबर धोयेंगे हम गुलाबों से!
फूल वो सन्दल को अपनी पलकों से!
देर को चूमेंगे अपनी आँखों से!!
शहिनशाहों का ये दर है कदम को चूमते जाओ!
यहाँ जिक्र मुनव्वर है कदम को चूमते जाओ!!
दूर करदेंगे हर अलम अपने!
दिल में होगा ना कोई गम् अपने!
बक्श देंगे वो सब करम अपने!!
यही महबूबे दिलबर है कदम को चूमते जाओ!
यहाँ जिक्रे मुनव्वर है कदम को चूमते जाओ!!
मुस्तफा की नज़र के तारे हैं!
मुर्तुजा फातिमा के प्यारे हैं!
गौसे आजम के माहपारे हैं!!
यहीं तो जाम कौसर है कदम को चूमते जाओ!
यहाँ जिक्रे मुनव्वर है कदम को चूमते जाओ!!
लेके जायेंगे गौहरी सदका!
अपने आका से सर्वरी सदका!
अपने दामन में कादरी सदका!!
गुलामों में ये दावर है कदम को चूमते जाओ!
यहाँ मुनव्वर है कदम को चूमते जाओ!!