समझ ले तू इन्सान क्या चीज़ है!
ये अब्द और रब्ब जान क्या चीज़ है!!
ये नुक्ता नहनु का मिला जो किसी को!
ये दौलत ये इरफान क्या चीज़ है!!
तू मन् अरफ को सीख मुर्शद से पहले!
ये लफजों को पहचान क्या चीज़ है!!
खुदी छोड़ जाहिद तू बाहर निकल आ!
जरा खुद को पहचान क्या चीज़ है!!
तू दर दर की ठोकर न खा मेरे भाई!
समझ ले के इन्सान क्या चीज़ है!!
अल्इन्साँ सिर्री को समझा है जिसने!
फिर उसकी जो है शान क्या चीज़ है!!
मिला जिस को ये इल्म दावर यहाँ से!
समझ उसकी फिर शान क्या चीज़ है!!