इश्क अहमद् का जाम दे खादर!
जिन्दा दिल नेक नाम दे खादर!!
काम आजाये हश्र में हम को!
ऐसा वो काम दे खादर!!
हर बुराई से तू बचा हम को!
चाहे अदना मुकाम दे खादर!!
ऊम्मती हैं तो हम मोहम्मद के!
नाम का उन के जाम दे खादर!!
जिन्दगी गुजरे बस् मदीने में!
ऐसी हर सुबह व शाम दे खादर!!
माल व दौलत से वासता ही नही!
हम को शीरीं कलाम दे खादर!!
नजाँ के वक्त कलमा हो लब पर!
कुच्छ तो अबू अहेतमाम दे खादर!!
सुर्खरूई का ताज़ हो सर पर!
हश्र में वो मुकाम दे खादर!!
हम तेरे तिशना काम बन्दे हैं!
होजे कौसर का जाम दे खादर!!
आरजू कुच्छ नहीं है उसके सिवा!
जिक्र बस् सुबह व शाम दे खादर!!
अपने दावर पे एक नजरे करम!
खास बन्दों में नाम दे खादर!!